1965: इंडिया और पाकिस्तान युद्ध मे इस मुस्लिम ने किया कुछ ऐसा की थर-थर कांपने लगी पाक सेना

1965 इंडिया और पाकिस्तान के मध्य बहुत बड़ा जंग हुआ था। इस जंग में पाकिस्तानी सेना के पास अधिक और एडवांस हथियार और टैंक थे, मगर फिर भी इस युद्ध में इंडिया जीत गया। इस युद्ध की जीत कसारा क्रेडिट मुस्लिम व्यक्ति अब्दुल हमीद को दिया गया। अब्दुल हमीद इंडियन सेना की कंपनी में क्वार्टर मास्टर हवलदार थे।

अब्दुल हमीद का जन्म 1 जुलाई 1933 को यूपी के गाजीपुर जिले में धर्मपुर नाम के छोटे से गांव में हुआ यह बहुत ही गरीब मुस्लिम परिवार में थे। अब्दुल हमीद का बचपन बहुत ही गरीबी में बीता लेकिन वह बहुत ईमानदार थे।

1965 भारत और पाकिस्तान का युद्ध

दिसंबर 1965 को रात में पाकिस्तान सेना द्वारा इंडियन सेना पर हमला करने पर इंडियन सेना ने भी इस बात का मुकाबला किया और अब्दुल हमीद उस वक्त तरन तारण जिले के खेमकरण सेक्टर में उनकी ड्यूटी लगी थी, तभी पाकिस्तानी सेना ने अमेरिकन पैटन टैंकों के साथ खेमकरण सेक्टर के गांव में हमला बोल दिया।

इंडियन सैनिकों के पास कोई बड़ा हथियार तो नहीं था, मगर भारत माता की रक्षा करने के लिए इंडियन जवान ने अपनी सिंपल हथियार 3 नोट थ्री राइफल एलएमजी के साथ पैटन टैंकों का सामना करने के लिए युद्ध में आ गए। अब्दुल हमीद के पास गन माउंटेड अजीत जोगी पैटन टैंकों के सामने माने तो एक खिलौने जैसी थी, मगर अब्दुल हमीद ने अपनी होशियारी और निडरता से अपनी गन माउंटेंस जीप से पाकिस्तानी सेना के साथ पैटन टैंकों को बर्बाद कर दिया। जिससे पूरी पाकिस्तानी सेना में हड़कंप मच गई, मगर इसी बीच एक गोला अब्दुल हमीद की जीत पर लगा। जिससे वह देश की सेवा करते करते शहीद हो गए। जिसके बाद इंडियन सेना ने जल्दी उनके सभी पैटन टैंकों को बर्बाद कर दिया। इंडियन सेना ने इस लड़ाई में जीत कर इंडिया का नाम रोशन किया।

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