पुलवामा घटना: सुरक्षा हटने के बाद पहली बार इस अलगाववादी नेता ने तोड़ा मौन, दे दिया यह बयान

पुलवामा हमला के बाद ना सिर्फ पाकिस्तान पर बल्कि कश्मीर में अलगाववादी नेताओं पर भी भारत सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बीते दिनों भारत सरकार ने 23 अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा हटा ली थी। हालांकि यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसी के संदर्भ में अलगाववादी नेता यासीन मलिक का एक बड़ा बयान आया है।

सुरक्षा को लेकर दिया या बयान

गुरुवार को अलगाववादी नेता यासीन मलिक ने अपना मौन तोड़ा उन्होंने सुरक्षा हटने के बाद पहली बार पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मैंने कभी सरकारी सुरक्षा के लिए मांग नहीं की थी। हालांकि सुरक्षा देने के बारे में हमें कई बार ऑफर दिया गया। 1996 में मेरे पास सीआईडी के कुछ ऑफिसर आए थे। जिन्होंने मुझे सुरक्षा देने की बात कही थी।

जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट का चेयरमैन है यह अलगाववादी नेता

बताते चलें कि यासीन मलिक जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चेयरमैन है। अन्य अलगाववादी नेताओं की तरह यासीन मलिक को भी पत्थरबाजी करवाने, घुसपैठ करवाने तथा जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में लिप्त रहने जैसे आरोप लगे हैं। क्योंकि पिछली बार एनआईए (NIA) की रिपोर्ट में उनका नाम सामने आ चुका है।

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