अपने ही जाल में फंसा पाकिस्तान, जैश के मुख्यालय के बारे में कही ये बड़ी बात

पाकिस्तान सरकार के मंत्री फवाद चौधरी ने अपनी ही बात का खंडन किया है. पहले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर करार देकर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर के जिस अड्‌डे को मसूद अजहर का पनाहगार माना था. अब उसे मस्जिद करार दे दिया है. पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर जैश के आतंकी के फिदायीन हमले में 40 जवानों के शहीद होने के बाद से भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नष्ट करने की रणनीति पर काम शुरू किया है.

पाकिस्तान अब अपने ही बुने जाल में फंसता जा रहा है। एक तरफ अंतर्राष्ट्रीय दबाव व भारत सरकार की कड़ी नीति उन्हें परेशान किए हुए हैं। दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार के मंत्री ने अपनी की बात का खंडन कर हर किसी को चौंका दिया है। पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी ने शुक्रवार को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर के जिस मस्जिद को जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर बताकर सरकार के कब्जे में लिए जाने की बात कही थी। अब उसे वे मस्जिद बता रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के खिलाफ कड़े रुख को देखते हुए पाकिस्तान सरकार के रवैये में बदलाव आया है। वह आतंक की नर्सरी को मस्जिद का नाम देकर दुनिया की नजरों में खुद को पाक-साफ बताने की कोशिश में है।

पाकिस्तान के एक मंत्री 24 घंटे बाद ही अपने एक बयान से पलट गए हैं। पाक सरकार ने शनिवार को अपने दावे को खारिज करते हुए कहा कि बहावलपुर स्थित मदरसे का जैश-ए-मोहम्मद से कोई ताल्लुक नहीं है। शुक्रवार को भारत और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को बहावलपुर स्थित जैश के हेडक्वार्टर, एक मदरसे और मस्जिद को कब्जे में ले लिया था। 14 फरवरी को पुलवामा में हुए फिदायीन हमले की जिम्मेदारी जैश ने ही ली थी, हमले में भारत के 40 जवान शहीद हो गए थे।

पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने शनिवार को कहा कि यह एक मदरसा है। भारत इसे जैश का हेडक्वार्टर बताकर प्रोपेगैंडा फैला रहा है। शुक्रवार को चौधरी ने कहा था कि पंजाब सरकार ने बहावलपुर के मदरसातुल साबिर और जामा-ए-मस्जिद सुभानल्लाह को अपने कब्जे में ले लिया है। इसका फैसला गुरुवार को हुई नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक में लिया गया था। फवाद चौधरी ने यह भी बताया कि मदरसातुल साबिर और जामा-ए-मस्जिद सुभानल्लाह को पंजाब सरकार ने अपने नियंत्रण में ले लिया था। इन पर जैश का मुख्यालय होने का आरोप था। अब इस मामले में एक प्रशासक को नियुक्त किया गया है।

बहावलपुर स्थित मदरसे में वर्तमान में 70 मौलवी और 600 छात्र हैं। पंजाब पुलिस कैंपस को सुरक्षा प्रदान करती है। बहावलपुर के डिप्टी कमिश्नर शाहजैब सईद ने कहा कि मदरसे में रोजमर्रा का कामकाज चल रहा है। मदरसे और मस्जिद का अजहर से कोई संबंध नहीं है। मदरसे में बच्चे केवल पढ़ते हैं, उनका प्रतिबंधित आतंकी संगठन और उसकी गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है। अब इससे पाकिस्तान की असलियत खुलकर सामने आने लगी है। उसे आतंकी ठिकानों को नष्ट करने से कोई मतलब नहीं है। साफ हो गया है कि पाकिस्तान की सरकार का समर्थन इन आतंकी संगठनों को प्राप्त है।

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