ये हैं भारत की सबसे खतरनाक स्पेशल फोर्सेस,जिनसे लड़ने से पहले पड़ोसी देश भी 10 बार सोचेगा

जैसा कि आप सब जानते हैं कि, भारत दुनिया का सातवां सबसे बड़ा देश है। और आप यह भी जानते हैं कि भारत सबसे खतरनाक पड़ोसी देशों से घिरा हुआ है।जिस तरह से अमेरिका ने पाकिस्तान में घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा था ठीक उसी तरह के स्पेशल फोर्सेस कमांडो भी हमारे देश भारत में में स्पेशल ट्रेनिंग के जरिए बनाए जाते है। आमतौर पर आप भारत में केवल नौसेना आर्मी और नेवी और वायु सेना के बारे में जानते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ ऐसी स्पेशल फोर्सेज भी हैं, जो कि दुश्मनों का खात्मा चंद मिनटों में कर सकती है ।वह भी बिना किसी सबूत छोड़ें और इन स्पेशल फोर्सेस की तुलना तो विदेशों की सबसे बड़ी और अच्छी फोर्सेज में से भी की जाती है।स्पेशल फोर्स फोर्स स्कोर कुछ खास काम के लिए ही बुलाया जाता है तो आइए जानते हैं इन स्पेशल फोर्सेज के बारे में जो कि दुश्मनों को खत्म करने के लिए जानी जाती है।
1.मार्कोस मरीन कमांडो

मार्कोस मरीन कमांडो भारतीय नेवी की एक स्पेशल कमांडो फोर्स है। और यही मार्कोस कमांडो सबसे ज्यादा आधुनिक और तेज तर्रार माने जाते हैं।मार्कोस कमांडो बनना इतना आसान नहीं होता है मार्कोस कमांडो बनने के लिए कठिन शारीरिक परीक्षण के साथ-साथ मानसिक परीक्षण दी किया जाता है।इसका प्रशिक्षण पाना इतना आसान नहीं है यह प्रशिक्षण पाना दुनिया की सबसे खतरनाक प्रशिक्षण में से एक माना जाता है।जिसमें कमांडो शारीरिक और मानसिक क्रूरता के लिए तैयार किए जाते हैं।इसका मकसद कांउटर टेररिज्म, डायरेक्ट एक्शन ऑन किसी जगह का खास निरीक्षण, अनकंवेंशनल वॉरफेयर, होस्टेंज रेस्यूकस, पर्सनल रिकवरी और इस तरह के खास ऑपरेशनों को पूरा करना होता है। भारत की स्पेशल कमांडोज समुद्र वायु और थल तीनों में लड़ने के लिए खासकर तैयार किए जाते हैं।मार्कोस को यूएस नेवी सील्स की तरह तैयार किया जाता है ताकि किसी भी परिस्थिति में वह दुश्मनों का सफाया कर सकें।मार्कोस ने कारगिल वार, ऑपरेशन लीच, ऑपरेशन स्वान जैसे खतरनाक मिशन को अंजाम दिया है।
2.गरुड़ कमांडो फोर्स

भारतीय वायु सेना ने सन 2004 में अपने एयरवेज की सुरक्षा के लिए स्पेशल गरुड़ कमांडो को तैनात किया था। गरुड़ फोर्स हवाई युद्ध में काफी बेहतर मानी जाती है इनका काम क्या होता है कि युद्ध के दौरान दुश्मन क्षेत्र की सीमा में घुसकर अपने लोगों को कैसे बाहर निकाला जाए। इस स्पेशल फोर्स के कमांडो को युद्ध के दौरान दुश्मन की सीमा के पीछे काम करने के लिए ट्रेंड किया जाता है। केवल भारतीय वायु सेना ही अपने सैनिकों को इस तरह की कमांडो बनने की सुविधा देती है। इसकी ट्रेनिंग लगभग 72 हफ्तो की होती है और इस स्पेशल गरुड़ फोर्स में शामिल होने के लिए 3 साल तक का समय लग जाता है।

3.कमांडो फोर्स कोबरा

कमांडो फोर्स कोबरा को भारत की सबसे बेहतरीन फोर्सेज में से एक माना जाता है। कोबरा फोर्स भारत की एक स्पेशल यूनिट है। या भारत के केंद्रीय रिजर्व पुलिस सीआरपीएफ की स्पेशल यूनिट है।इन्हें भेष बदलकर दुश्मनों पर हमला करने की खास ट्रेनिंग दी जाती है या विश्व की सबसे खतरनाक कमांडो फोर्स इसमें से एक है।और यह सब मकसद को पूरा करने के लिए इन्हें एक खास तरह की गोरिला ट्रेनिंग दी जाती है या दुश्मनों पर घात लगाकर हमला करने में माहिर होते हैं।नक्सलियों से लड़ने के लिए इन्हें खास तौर पर भेजा जाता है या गुप्त रूप से भारतीय संसद से लेकर राष्टपति भवन तक इन्हें हर तरह की सेवाएं भारत को देते हैं।
4.घातक फोर्स

घातक फोर्स का काम है भारतीय थल सेना के लिए काम करना या जो खाते हुए हमला करने के लिए मानी जाती है जब कभी युद्ध होता है तब या घातक फोर्स आगे रहकर दुश्मनों का काम तमाम करती है उसके बाद थल सेना आगे बढ़ते हुए अपने काम को अंजाम देती है इसकी परीक्षण भी काफी कठिन माना जाता है । यह भारत की चुनिंदा स्पेशल फोर्सेस में से एक मानी जाती है। या दूर बैठे ही जंगी हथियारों से दुश्मन के खेमे को खत्म कर देते हैं इनके ट्रेनिंग बहुत ही कठिन मानी जाती है इन की ट्रेनिंग के दौरान उन्हें 50 से 60 किलोमीटर तक ऊंचे ऊंचे पर्वतों में चलाया जाता है और 30 किलोग्राम वजन के साथ इन्हें दौड़ाया जाता है तब जाकर कहीं बनता है एक घातक फोर्स का कमांडो।
5.एलीट पैराकमांडोज

एलित पैराकमांडोज के कमांडो इजराइली टेओर असॉल्ट राइफल से लैस होते हैं। इस कमांडो यूनिट का निर्माण सन 1965 के भारत पाकिस्तान में हुए युद्ध के दौरान हुआ था। इन कमांडो को इस तरह से ट्रेनिंग दी जाती है कि या आसमान के साथ साथ जमीन पर भी लड़ सके। यह भारतीय सेना में एकमात्र ऐसी यूनिट है जिसमें कमांडो उसको टैटू रखने की परमिशन दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि हजारों में से सिर्फ 10 से 20 प्रतिशत लोग ही इसकी ट्रेनिंग पूरी कर पाते हैं।इंडियन आर्मी के ट्रेंड कमांडो दुश्मनों को छलने के लिए विशेष ड्रेस का इस्तेमाल करते हैं। इन ड्रेसों का हल्का रंग रेगिस्तान में और गाढ़ा रंग हरियाली के बीच उन्हें छिपने में मदद करता है। कमांडो एक खास झिल्लीदार सूट भी हमेशा पहनते हैं, जिन्हें किसी वातावरण में छिपने के लिए इस्तेमाल किया जाता है है। स्पेशल फोर्स पर्पल बैरेट पहनते हैं और इनकी इजराइली टेओर असॉल्ट राइफल इन्हें पैरामिलिट्री फोर्स से अलग बनाती है।
6.स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप

अपने टेक पार्क हमेशा सफारी सूट में दिखाई देने वाली इस स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप को काफी खास तरीके से प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए तैयार किया जाता है इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद इस स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप का गठन किया गया था जिनका मेन मकसद प्रधानमंत्री और उनके परिवार के लोगों की सुरक्षा करना होता है
7.ब्लैक कमांडो

ब्लैक कमांडो भारत की सबसे खतरनाक और उसमें से एक मानी जाती है इन्हें खास इस तरह से ट्रेनिंग दी जाती है कि आप किसी भी परिस्थिति में अपने दुश्मनों को खत्म करने के लिए जाने जाते हैं।या फिर अपने काम को करने में बिल्कुल भी नहीं इसकी चाहती चाहे छुपे हो गए आतंकवादियों को बाहर निकालकर मारना हो।26/11 के मुंबई हमले में बिना किसी मुसीबत के सफलतापूर्वक आतंकियों से निपटने में इन कमांडो का बहुत बड़ा हाथ था। 'ऑपरेशन ब्लूस्टार' जैसे बड़े मिशन को भी इस फोर्स ने बड़ी समझदारी से संभाला था।

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