भारत के 2 जासूस, मुसलमान बनकर सात साल पाकिस्तान में रहे, लेकिन एक वापस नहीं आ पाया

बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो अपने देश के लिए जान की बाजी लगाने से भी पीछे नहीं हटते. उनका नाम आते ही हमारा सिर सम्मान देने के लिए झुक जाता है. लेकिन कभी ऐसा भी होता हैं जो अपनी जान की बाजी लगाते हैं और सरकार उनको अपनाने से भी मना कर देती है. जिन्हें कहते हैं खुफियां एजेंसी के जासूस जो देश के लिए सब कुछ दांव पर लगा देते हैं. ऐसे ही भारत के दो वीर सपूतों की बात हम करेंगे जिन्होंने देश के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया था उनमे से एक वीर कभी वापस नहीं आ सका।

रविंद्र कौशिक – राजस्थान के श्रीगंगानगर में जन्मे भारत के इस महान देेेश भक्त के पिता एयरफोर्स में थे, और इन्हे एक्टिंग का भी शौक था एक बार इनकी परफॉरमेंस रॉ के चीफ ने देखा तो इन्हे जासूस बनकर पाकिस्तान जाने का प्रस्ताव दिया. हाँ कहने के बाद उन्होंंने पाकिस्तान आर्मी ज्वाइन की और वहां एक लड़की से शादी भी कर ली और भारत को अनेक बार फायदा पहुंचाया. एक बार दूसरा जासूस उनसे मिलने पहुंचा था, पकड़े जाने पर उसने रविंद्र कौशिक का नाम बता दिया. उस समय की सरकार ने उनकी कोई मदद नहीं करने का फैसला लिया और जेल में ही वो शहीद हो गए।

अजित कुमार डोभाल – सरकार में अहम पद जो राष्ट्रिय सुरक्षा सलाहकार का होता है, उस पद की शोभा बढ़ाने वाले अजित डोभाल 7 साल पाकिस्तान में जासूस बनकर रह कर आये हैं. वहां पर मुस्लिम बनकर रहते थे. उन्होंने देश की सेवा में अनेक बार अपने प्राण जोखिम में डाल चुके हैं. पाक आज भी इनके नाम से घबराता है. जासूस के तौर पर वो देश के लिए कई ऑपरेशन को अंजाम दे चुके हैं. इनके अलावा भी कई जासूस जो गुमनाम होकर देश के लिए सब कुछ कुर्बान करते हैं, हम उन्हें नमन करते हैं।

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