अब पाकिस्तान गायों से करने जा रहा है अनोखा प्रयोग, जानकर हो जाएंगे हैरान

भारतीये राजनेता जहाँ सडकों पर आवारा घूम रही गायों को लेकर राजनीती कर रहे हैं वहीं पाकिस्तानी सरकार गायों को लेकर एक अनोखा प्रयोग करने जा रही है। जिसे जानकर हर कोई हैरान रह जायेगा। बता दूं कि पाकिस्तान में वायु प्रदूषण खतरनाक होता जा रहा है।

भारत की सडकों आवारा घूमरी गायें

भारत में यातायात में बाधा बनी गायें

जिसके चलते मेडिकल जर्नल लैंसेट की रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान में हर साल लगभग 22 प्रतिशत मौतें जहरीली हवा की वजह से होती हैं। जिसे देखते हुये पाकिस्तान की वर्तमान इमरान की सरकार ने अब यह निर्णय लिया है कि पाकिस्तान के अन्दर बसों का संचालन गाय के गोबर से बनी गैस से किया जायेगा। इसके साथ ही पाकिस्तानी सरकार ने इन सभी बसों का रंग ग्रीन बताया गया है और इन बसों की शुरूआत कराची से की जायेगी।

ताजा जानकारी के अनुसार दुनियाभर में हर साल 4 मिलियन से भी ज्यादा लोगों की मौतें वायु प्रदूषण की वजह से होने वाली बीमारियों से होती हैं। रिपोर्ट में जिन देशों के नाम सबसे ऊपर हैं उनमें भारत और उसका पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान भी शामिल है। यहां वायु प्रदूषण का स्तर इतना खतरनाक है कि हर साल के माह नवंबर से 31 दिसंबर तक का वक्त स्मॉग सीजन घोषित किया जाने लगा है।

इस दौरान ईंट भट्ठियां बंद रहने से लेकर तमाम ऐहतियात बरते जा रहे हैं ताकि पूरे मुल्क का दम न घुट जाए। इन बसों को ग्रीन बस रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क के नाम से जाना जा रहा है जो गाय के गोबर यानी बायो मीथेन गैस से चलेंगी। नेटवर्क की मदद से इनका गोबर इकट्ठा कर उससे बायोगैस प्लांट में मीथेन गैस बनाई जाएगी जिससे बसों का सुचारू रूप से संचालन होगा।

इस अनूठे प्रोजेक्ट से न केवल पाकिस्तान की हवा साफ होगी, बल्कि ये जल प्रदूषण को भी काफी हद तक कम करने में मददगार साबित होगा। बता दें कि दुधारू पशुओं का मल-मूत्र नदियों के जरिए समुद्र तक पहुंच जाता है और पानी का स्त्रोत लगातार गंदा होता जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में हर दिन लगभग 3,200 टन गोबर और मूत्र समुद्र में बहा दिए जाते हैं। यहां तक कि इसे बहाने और साफ-सफाई के लिए भी 50 हजार गैलन से ज्यादा पानी बर्बाद होता है।

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