अगर आपके घर में भी है इंडियन टॉयलेट, तो जान ले इससे जुड़ी ये सच्चाई

आजकल बहुत से घरों में इंडियन टॉयलेट के बजाय वेस्टर्न टॉयलेट बनवाये जाते हैं, इसका कारण है कि वेस्टर्न टॉयलेट को लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं, क्यंकि इनमे बैठना काफी सुविधाजनक होता है, लेकिन हम आपको बता दें कि अगर आपके पैरों में कोई समस्या है या घर में बुजुर्ग हो तो उन्हें केवल वेस्टर्न टॉयलेट का इस्तेमाल करना चाहिए, कम उम्र और स्वस्थ लोगों को वेस्टर्न टॉयलेट की जगह इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करना ज्यादा अच्छा होता है, आज हम आपको बताने वाले हैं कि इंडियन टॉयलेट का इतेमाल करना स्वास्थ्य के लिए क्यों बेहतर है।

इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करने से बैठने की जो स्थिति बनती है, उससे पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है, जिससे पेट अच्छे से साफ होता है, जबकि वेस्टर्न टॉयलेट में बैठने पर ऐसा कोई दबाव नही बनता है, जिससे पेट उतनी अच्छी तरीके से साफ नही होता है।

इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करते समय पैरों का ज्यादा उपयोग होता है, जिससे पैरों की एक्सरसाइज होती है, और पैरों की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं।

वेस्टर्न टॉयलेट का इस्तेमाल करने वाले लोग टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल करते हैं, जिससे हाथों पर बैक्टीरिया होने का खतरा रहता है, जबकि इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करने वाले लोग हैंडवाश या साबुन का उपयोग करते हैं जिससे हाथों पर बैक्टीरिया नही रहते हैं।

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