दुनिया का सबसे खतरनाक बम जिसे बनाने के बाद वैज्ञानिक बहुत रोये थे

जब द्वितीय विश्वयुद्ध चल रहा था तो अमेरिका ने एक ऐसा बम बनाने का निर्णय लिया था जो दुनिया का सबसे शक्तिशाली और सबसे अधिक विनाशक हो। इसके चलते अमेरिका ने सन 1939 में अपने सौ वैज्ञानिको को इस बम को बनाने के लिए तैयार किया। 6 जुलाई 1945 को दुनिया का पहला परमाणु बम बना लिया गया।

जब इस परमाणु बम का परीक्षण किया जा रहा था तो दुनिया को लग रहा था कि यह बम चलेगा ही नही। लेकिन जैसे ही यह बम चला तो इसका धमाका इतना जोरदार था कि इस धमाके को 16 किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था।

जब यह परीक्षण सफल रहा तो बहुत से वैज्ञानिक रोने लग गए थे क्योकि उनको यह पता लग गया था कि इस दुनिया की समाप्ति कारण यह बम ही बनेगा। अमेरिका ने इस बम का प्रयोग सबसे पहले जापान के नागासाकी और हिरोशिमा पर किया था।

ब यह बम गिरा तो जापान के लाखों लोग इस धमाके में मारे गए थे। तब इस बम को बनाने वाले सभी वैज्ञानिक बहुत दुखी हुए थे। कई वैज्ञानिकों ने इस बम को लेकर कई भविष्यवाणीयां भी की थी।

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